Randhir Singh – kuchh dard hai mere seene mein

randhir singhकुछ दर्द है मेरे सीने में,

इसे सीने में ही रहने दो,

कुछ ख्वाब अधूरे हैं मेरे,

बस उसको पूरा कर लेने दो,

मत बुलाओ मुझे इस जमीन पर,

मुझे तेज हवाओं से लड़ने दो,

कई बार हम बोलना तो बहुत कुछ चाहते हैं, लेकिन बोल नहीं पाते क्योंकि सामने खड़े इंसान के साथ बिताए कुछ पल उसके साथ की यादें दिल और दिमाग दोनों पर हावी हो जाती है और हम शब्द नहीं बना पाते| ऐसा लगता है जैसे एक पल में सब कुछ खो दिया हो, लेकिन हम हमेशा उन जज्बात को छुपा के नहीं रख सकते और कभी न कभी वो शब्द बनकर बहने लगते हैं|

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