WHAT IS 370 ACT | HISTORY OF KASHMIR | WHAT IS KASHMIR CONFLICT

ACT. 370

 

WHAT IS 370 ACT.| HISTORY OF KASHMIR | WHAT IS KASHMIR CONFLICT

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आज मैं आपको हमारे भारत देश के कश्मीर के बारे में कुछ जानकारी देना चाहता हूं के बारे में बात करूंगा और बताऊंगा क्यों यहां पर 370 ACT है, और यहां पर क्यों बार-बार विवाद उत्पन्न होता रहता है| यह सब बताने से पहले मैं आपको थोड़ा कश्मीर के इतिहास के बारे में बताना चाहूंगा कि किस तरह से यह अस्तित्व में आया और क्या कारण है जिससे पाकिस्तान भारत से कश्मीर के लिए लड़ता रहता है

और इस पोस्ट के आखिरी में मैं आपको यह भी बताऊंगा कि किस तरीके से हम कश्मीर से 370 ACT को हटा सकते हैं और पूर्ण रूप से वहां पर भारत का संविधान लागू कर सकते हैं

HISTORY OF KASHMIR

मैं आपको बताना चाहूंगा आजादी से पहले हमारे देश में छोटे-छोटे बहुत सारे राज्य और रियासतें थी, जिन पर राजा राज करते थे और इन रियासतों में जम्मू और कश्मीर भी था जिस पर राजा हरि सिंह राज करते थे| 1947 में जब हमारा देश आजादी की ओर बढ़ रहा था तो उस समय ब्रिटिश शासन के लास्ट गवर्नर जनरल माउंटबेटन में तीन घोषणाएं की :-
1} ऐसे लोग जो पाकिस्तान में रहना चाहते हैं वह पाकिस्तान चले जाएं|
2} जो लोग भारत में रहना चाहते हैं वह भारत में रह सकते हैं|
3 }और जो लोग स्वतंत्र रहना चाहते हैं वह स्वतंत्र रूप से रह सकते हैं|

अब मैं आपको यह बताना चाहूंगा की 3rd घोषणा के आधार पर भारत के 3 रियासते स्वतंत्र रहना चाहते थे, जो ना तो पाकिस्तान में जाना चाहते थे और ना ही हिंदुस्तान में रहना चाहते थे, वह स्वयं अपना राज्य अपने राजा द्वारा चलाना चाहते थे और वह थे

1 हैदराबाद
2 जूनागढ़
3 जम्मू और कश्मीर

कुछ समय के बाद हैदराबाद और जूनागढ़ को सरदार वल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में भारत में सम्मिलित कर लिया गया लेकिन जम्मू और कश्मीर के राजा हरिसिंह ने भारत में शामिल होना या पाकिस्तान में जाना स्वीकार नहीं किया और स्वतंत्र रहने का फैसला किया|

WHAT IS KASHMIR CONFLICT

20 अक्टूबर 1947 को पाकिस्तान समर्थित आजाद कश्मीर सेना ने राज्य के अग्रभाग पर आक्रमण किया  गया तब जम्मू और कश्मीर के राजा हरि सिंह ने उस समय के मौजूदा प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से मदद मांगने का फैसला किया और इसी बीच प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और हरी सिंह के बीच एक लेटर जारी किया गया जिसमें यह कहा गया कि किसी भी हालत में जम्मू और कश्मीर भारत से अलग नहीं हो सकता और जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा रहेगा|

जम्मू और कश्मीर के भारत में विलय पत्र के जरिए जम्मू और कश्मीर में भारत को केवल तीन विषयों पर फैसला लेने का अधिकार दिया रक्षा ,विदेशी मामले तथा संचार

ACT. 370

WHAT IS 370 ACT/Article 370 of the Indian constitution

भारतीय संविधान के भाग 21 के अनुच्छेद 370 में से एक विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है/ अनुच्छेद में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि जम्मू तथा कश्मीर से संबंधित राज्य उपबंध केवल अस्थाई हैं स्थाई नहीं है

370 एक्ट के तहत जम्मू कश्मीर राज्य के संबंध में  अस्थाई उपबंध  है / इसका मतलब यह हुआ कि जो भी बदलाव और नियम जम्मू कश्मीर राज्य में किए जाएंगे भारत सरकार द्वारा वह  स्थाई नहीं है उन को बदला जा सकता है

किस तरीके से हम कश्मीर से 370 ACT को हटा सकते हैं

जम्मू और कश्मीर से 370 एक्ट को खत्म करने के लिए वहां के विधानसभा और विधान परिषद में पूर्ण बहुमत साबित करना जरूरी है और इस आधार पर हम 370 एक्ट को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं इसका मतलब यह हुआ कि वहां पर एक ऐसी सरकार लानी होगी जो पूर्ण बहुमत से बनी हो और फिर वहां पर 370 को खत्म करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पारित करना होगा

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